Wednesday, 5 December 2018

mohitsahuips2020


*ठोकर इसलिए नही लगती,*
*कि इंसान गिर जाए.*

*ठोकर इसलिए लगती है,*
*कि इंसान संभल जाये.*
   

                         
🌹 **मान लेते हैं कि,*
*किस्मत में लिखे फैसले*
*बदला नहीं करते*

*लेकिन*

*आप फैसले तो लीजिये,*
*क्या पता,*
*किस्मत ही बदल जाए!!!*🌹🌹🌹🌹शुभ रात्रि🌹🌹