mumkin h
Thursday, 27 December 2018
Wednesday, 5 December 2018
mohitsahuips2020
*ठोकर इसलिए नही लगती,*
*कि इंसान गिर जाए.*
*ठोकर इसलिए लगती है,*
*कि इंसान संभल जाये.*
🌹 **मान लेते हैं कि,*
*किस्मत में लिखे फैसले*
*बदला नहीं करते*
*लेकिन*
*आप फैसले तो लीजिये,*
*क्या पता,*
*किस्मत ही बदल जाए!!!*🌹🌹🌹🌹शुभ रात्रि🌹🌹
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